Month: January 2025

आहार

लेपाहार → एकेंद्रियों के। कवलाहार → 2-5 इंद्रिय जीवों में। तेजाहार → अंडज जीवों में। नोकर्माहार → 1-13वें गुणस्थान में। कर्माहार → सब में (14वाँ

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लोगों के प्रकार

चार प्रकार के लोग…. 1) भाग्यवान… जिनके पास वर्तमान में धन वैभव हो। 2) सौभाग्यशाली… वैभव के साथ स्वास्थ्य भी अच्छा हो। 3) महा-सौभाग्यशाली… धन,

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वैयावृत्ति

चारित्र की वैयावृत्ति कैसे करें ? अनुमोदना से। आचार्य श्री विद्यासागर जी (स्वाध्याय श्री भगवती आराधना- भाग 1, पृष्ठ 73) सान्निध्य आर्यिका श्री पूर्णमति माता

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पूर्णतावादी

पूर्णतावादी का कोई कार्य कभी पूरा नहीं होता है। क्योंकि उसकी निगाह में कोई भी कार्य सर्वगुण सम्पन्न नहीं होता है। इसलिये जोखिम उठाने के

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अनशन

अनशन 9 प्रकार से किया जाता है…. मन के द्वारा, वचन के द्वारा, काय के द्वारा और तीनों ही तीनों प्रकार से कृत, कारित, अनुमोदना

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तैयारी

घर से पर-घर जाने के लिए अच्छे कपड़े पहनते हैं। गाँव से पर-गाँव जाने के लिए तैयारी और ज्यादा, धन आदि रखना होता है। देश

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दु;ख में भगवान

तीव्र मिथ्यादृष्टि दु:ख में भी धर्म से दूर रहता है जैसे बीमारी में कोई डॉक्टर से दूर भागता हो या बच्चे इंजेक्शन से यह समझें

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आलोचना

आलोचना की आदत पड़ जाती है (प्राय: पीठ पीछे), निंदा → सामने वाले को नीचा दिखाने को (प्राय: व्यक्ति के सामने), समालोचना → सामने वाले

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कर्मोदय

कर्मोदय रोने के लिए नहीं, कर्म धोने के लिए/ विशुद्धि बढ़ाने के लिए। वैसे तो अनादि से हम सब मिथ्यादृष्टि ही हैं। इससे सिद्ध होता

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भेद-विज्ञान

आचार्य श्री अमृतचंद स्वामी ने कहा है → भेद-विज्ञान मोक्ष/ कल्याण का कारण है और इसका अभाव संसार/ अकल्याण का कारण है। एक महिला ने

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मंगल आशीष

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January 31, 2025