Month: February 2025

सामायिक

सामायिक दो प्रकार की → निवृत्त्यात्मक। प्रवृत्यात्मक। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी शंका समाधान (20.9.23)

Read More »

महिलाओं को नौकरी

क्या महिलाओं को नौकरी करनी चाहिए ? (यदि इमरजेंसी हो तो) चाकरी को अधम कहा गया है। नौकरी में पराधीनता है जबकि सुख स्वाधीनता में

Read More »

क्या पुण्य हेय है ?

पुण्य सर्वथा हेय नहीं (श्रावकों के लिये उपादेय है),ना ही पुण्य का फल हेय है । बस ! पुण्य के फल का दुरुपयोग हेय है।

Read More »

देव दर्शन

भगवान की मूर्ति के दर्शन पहले खुली आँखों से करें, उनके रूप को अपने अंतस् में भर लें। फिर आँख बंद करके उस रूप का

Read More »

आत्मा का रंग

लेश्यायें छह रंग की होती हैं। आत्मा में लेश्यायें नहीं होती हैं। इसलिये भी आत्मा को रंग रहित कहा जाता है। चिंतन

Read More »

थाली में जूठन

थाली में जूठन छोड़ने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। अन्न को अन्य मत मानो। अपनी भूख पहचानो तभी अपने को पहचान पाओगे। किसी के

Read More »

संसार

“संसार असार है” यह एकांत से कहा जाता है। व्रतियों के लिए तो असार नहीं है। मुनि श्री सौम्य सागर जी- 10 फरवरी

Read More »

अपेक्षा / इच्छा

अपेक्षा परावलम्बी, इच्छा स्वावलम्बी। इच्छा में अपेक्षा का होना हानिकारक। श्रद्धा में अपेक्षा/ इच्छा नहीं, इसलिये लाभकारी। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी

Read More »

समवसरण की पात्रता

समवसरण की पात्रता के बारे में दो मत हैं। सम्यग्दृष्टि ही जा सकते हैं। मिथ्यादृष्टि भी। लेकिन पहला ज्यादा मान्य है क्योंकि सभाओं में जाने

Read More »

परमात्मा बनने की विधि

परमात्मा बनने की विधि…. गुणवानों का गुणगान करने से खुद गुणवान बनेंगे तब धर्म जीवन में आएगा, धर्मात्मा हो जाएँगे। फिर पुण्यात्मा और उससे बन

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

February 18, 2025

February 2025
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
2425262728