Month: April 2025
समता
सूर्य ही एक ऐसा नक्षत्र है जिसकी सुबह और शाम की लालिमा एक सी होती है/ उन्नति और अवनति के समय समता भाव। प्रकाश और
आगम / अनुभव
आगम……समाधिस्थों के अनुभव, अनुभव…. वर्तमान लोगों के अनुभव। आगम से दिशा मिलती है, अनुभव से दशा बदलती है। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
भरत चक्रवर्ती
भरत को तो चक्रवर्ती पद लेने का नियोग था तो उनके पास बाहुबली से युद्ध के अलावा विकल्प क्या था ? अहंकार छोड़कर प्रेम से
दान
दान को खर्चे में कभी मत डालना। खर्चा होने पर लौटकर नहीं आता जबकि दान ब्याज सहित लौटकर आता है/ बीज रूप है। निर्यापक मुनि
नरक क्या ?
परवशता ही नरक है, चाहे अच्छे काम करते समय की परवशता हो जैसे श्रेणिक महाराज नरक में भी लगातार तीर्थंकर प्रकृति का बंध कर रहे
अहंकार
अहंकार— व्यक्ति कितना भी गोरा हो, छाया उसकी भी काली ही होती है। (मंजू रानीवाला)
निद्रा
अति निद्रा की समस्या का समाधान क्या ? 1) समय(रात्रि 9 से 12) पर सोयें। 2) अनर्थों को याद करें ताकि आगे हमसे पाप ना
संवाद / विसंवाद
संवाद → संवाद से शंकायें दूर होती हैं, सामंजस्य बैठता है। विसंवाद → 1. सत्य जानते हुए भी सामने वाले के तथ्यों को काटना। 2.
निदान
निदान पाँचवें गुणस्थान तक होता है। क्योंकि निदान परिग्रह पाने के लिये होता है और छठे गुणस्थान onwards परिग्रह होता नहीं है। मुनि श्री सौम्य
प्राकृतिक / अप्राकृतिक
शादी में हल्दी(प्राकृतिक) चढ़ते समय कपड़ों पर हल्दी लग गयी। शरीर को स्वास्थ्यवर्धक तथा एक दो धुलाई में साफ। सामूहिक कपड़े धुलते समय रंगीन कपड़ों
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