Month: May 2025
पूर्ण समर्पण
श्री राम की सेवा तो हनुमान ने भी की और सुग्रीव ने भी। हनुमान के मंदिर श्री राम से भी ज्यादा मिलते हैं, सुग्रीव का
भगवान कहाँ ?
वैदिक दर्शन में –> कण-कण में। जैन दर्शन में –> घट-घट में भगवान बनने की क्षमता। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
छत्र
भगवान के ऊपर तीन छत्र में मध्य वाला बीच के Size का होता है पर मध्यलोक तो सबसे छोटा होता है ? छत्रों का Size
कषाय
चार कषायों में से पहली दो क्रोध और मान प्रत्यक्ष देखने में आती हैं, तीसरी मायाचारी कभी-कभी और चौथा लोभ तो समझ ही नहीं सकते/
केवलज्ञान
केवलज्ञानी का देखना दर्पण में दिखनेे जैसा है। दर्पण में अगर मेरी इमेज हिल रही है उसकी वजह से मैं नहीं हिल रहा बल्कि मैं
आयु कर्म
नियति का विधान है कि आयु कर्म पूर्ण होने पर Full Replacement गारंटी है। अच्छा उपयोग किया तो बढ़िया वाली पर्याय/ शरीर, खराब किया तो
सृजन
1-2 ग्राम का बीज अंकुरित होते समय टनों टन मिट्टी को हटाने का पुरुषार्थ कर लेता है। वह अंकुर हमेशा ऊपर उठता है, हमारे पुरुषार्थ
ज्ञानार्जन
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे कि यदि कोई तुम्हारे आसपास धन के अभाव में ज्ञानार्जन से वंचित रह जाता है तो यह जिनवाणी का
यंत्र / मंत्र / तंत्र
यंत्र – Material का सहारा जैसे लाउड स्पीकर। मंत्र – अदृश्य शक्ति का सहारा लेकर कार्य सम्पादन। तंत्र – भावात्मक शक्ति का सहारा लेकर कार्य
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