Day: August 2, 2025

सम्यग्दर्शन

सम्यग्दर्शन तत्त्वार्थ पर सही(समीचीन) श्रद्धान। सम्यक् – सही कार्य/ लक्ष्य। तत्त्वार्थ – अधिकरण। श्रद्धान – प्रतीति/ लक्षण। प्रतीति – ऐसा ही है। मुनि श्री प्रणम्यसागर

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Competition / Cooperation

Competition(प्रतिस्पर्द्धा) में बहुत से अज्ञात कारण हैं जैसे पूर्व के कर्म(भाग्य), जब कि Cooperation(सहकारिता) में लाभ ही लाभ हैं… 1) ईर्ष्या से बचोगे। ईर्ष्या करते

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मंगल आशीष

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