Day: January 24, 2026
परिणमन
January 24, 2026
परिणमन पर-निमित्तक भी तथा स्व-निमित्तक भी। जैसे दर्पण में प्रतिबिम्ब बदलते रहते हैं, लेकिन दर्पण को आकाश की ओर कर दें तब भी दर्पण में
धर्म / अधर्म
January 24, 2026
अपराध करना अधर्म। उसका फल सहजता/ स्वीकृति के साथ सहना, धर्म। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
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