Day: February 1, 2026
पाठ्यक्रम
February 1, 2026
आचार्य श्री विद्यासागर जी ने तत्त्वार्थ सूत्र, समयसार आदि के बाद मूलाचार पढ़ाया। आ.श्री की चर्या ही मूलाचार थी (पहले प्रैक्टिकल दिखाए ताकि समझ में
श्रावक / श्रमण
February 1, 2026
श्रावक (गृहस्थ) का पैर घर में, मन बाहर। श्रमण (साधु) का पैर बाहर, मन घर (अंतरंग) में। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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