पथ्य
पथ्य* जो पथ में लिया जाता है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
* रास्ते के लिए भोजन सामाग्री/ अगले जन्म को जाते समय पुण्य कर्म।
पथ्य* जो पथ में लिया जाता है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
* रास्ते के लिए भोजन सामाग्री/ अगले जन्म को जाते समय पुण्य कर्म।
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One Response
आचार्य श्री विघासागर महाराज जी ने पथ्य की परिभाषा बताई गई है वह पूर्ण सत्य है। अतः जिस पंकार बीमारी में पथ्य की आवश्यकता होती है। अतः जीवन का कल्याण करने के लिए किसी भी मार्ग पर चलने के लिए पथ्य की आवश्यकता रहती है।