Day: February 2, 2012
वितर्क
February 2, 2012
वितर्क श्रुतज्ञान को कहते हैं, या विशेष रूप से तर्क/विचार करने को वितर्क कहते हैं । तत्वार्थ सूत्र – 9/42
रागी/वीतरागी
February 2, 2012
रागी – तू नहीं मिला तो जान दे दूंगा । वीतरागी – तू नहीं मिला तो जान जाने पर तुझ जैसा बन जाउंगा/तुझ में मिल
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