मेले में भटके होते तो कोई घर पहुँचा जाता,
हम घर में भटके हैं कैसे ठौर ठिकाने आएंगे |

(सुश्री रूचि)

दर्पण को जब गौण करोगे, तब अपना बिम्ब दिखेगा ।

बाह्य पदार्थों का महत्त्व जब कम करोगे, तब स्वानुभव होगा ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

दर्द हड़्ड़ी टूटने पर ज्यादा होता है या Dislocation में ?
शरीर का Damage किसमें ज्यादा होता है ?

दौनों में बराबर होता है ।

Dislocation – राग है, जो अपनी ओर खींचने से होता है ।
हड़्ड़ी टूटना – द्वेष है, जो धक्का मारने से टूटती है ।

चिंतन

कर बोले कर ही सुने, श्रवण सुने नहीं ताय ।
( एक हाथ जब दूसरे हाथ की नब्ज़ देखता है तब कान को भी आवाज़ नहीं आती है )

दान देते समय किसी को पता नहीं लगना चाहिये ।

श्री लालमणी भाई

नाव पानी पर चले तो ठीक,
पानी नाव में नहीं भरना चाहिये, वरना ड़ूब जायेगी ।

वैभव/संसार हमारे मन में न भर जाये, वरना हम भी ड़ूब जायेंगे ।

श्री चक्रेश भैया

अपने जीवन को व्यवस्थित करने के लिये Time Table बनाते हैं, इसे बंधन ना मानें ।
यह तो हमें अधिक Tensions के बंधनों से मुक्त करता है ।

छोटे छोटे बंधन हमें निर्बंध करने के लिये होते हैं ।

तेल उबल रहा हो, तो पानी के छींटे ड़ाल कर ठंड़ा करने की कोशिश कभी मत करना ।
तेल और उफनेगा और आपके ऊपर भी छींटे आऐंगे ।

जब सामने वाला गुस्से में हो तो कभी सलाह मत देना ।

चिंतन

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