वाहनों में आगे देखने के लिये बड़ी सी Screen रहती है,
पीछे देखने के लिये छोटा सा शीशा ।

(श्री एस. के. जैन )

Past का महत्त्व सिर्फ इतना है कि गतवर्ष में की गई गलतियों से सबक सीखें,                                ताकि वे Repeat ना हों ।
ज्यादा समय नववर्ष को संवारने में लगायें ।

नयन यानि ‘नय + न’,
यानि नयों के परे।
शांत, निर्विकल्प तथा सरल दृष्टि वाले ही ‘नयन’ होते हैं ।

(बाकि सब तो सिर्फ दिखने वाली आँखें हैं, नयन नहीं क्योंकि नयों के परे यानि दौनों आँखोँ या दृष्टियों से देखना, अनेकांत दृष्टि, एक आँख से देखना एकांत है । )

आचार्य श्री विद्यासागर जी

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