अज्ञानी अधिक में कम बोलता है ( सार की बात कम ),
ज्ञानी कम में ज्यादा बोलता है,
ध्यानी मौन रहता है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की चातुर्मास स्थापना अतिशय क्षेत्र श्री बीना-बारहा जी जिला सागर (म.प्र.) में,
तथा
मुनि श्री क्षमासागर जी महाराज की चातुर्मास स्थापना शाहपुर जिला सागर (म.प्र.) में दिनांक 25जुलाई को संपन्न हुई ।

एक चोर को सेठ ने रात को चोरी करते हुये देख लिया ।
अगले दिन एक दावत में सेठ पंगत में बैठा, पास में ही वह चोर भी बैठा था । सेठ को शक हो गया ।
सेठ बार बार पूछता था – क्या रात को तू ही था ?
चोर सिर हिला कर मना करता रहा ।
मिष्ठान/पकवान परोसने वाले समझते कि इसे मिष्ठान/पकवान नहीं चाहिये और वे बिना परोसे आगे बढ़ते जाते ।

हम भी पूर्व के चोर हैं, मना करते रहते हैं और गुरूजन हितोपदेश ( मिष्ठान/पकवान ) बिना दिये आगे बढ़ जाते हैं ।

Octopus पंचेद्रिय संज्ञी जीव होता है ।
TV News है कि जर्मनी का एक Octopus football world cup matches में सही भविष्यवाणी कर रहा है ।

आगम के अनुसार – कोई आपत्ति नहीं है ।
उसे अवधिज्ञान हो सकता है ।

एक पंड़ित जी, मुझे लेकर साहू शांति प्रसाद जी से मिलने गये ।
साहू जी अधिकतर समय अपनी व्यस्तता का बखान करते रहे कि मेरा एक पैर जमीन पर तो दूसरा आसमान (हवाई जहाज) में ही रहता है ।
पंड़ित जी ने बाहर निकल कर कहा – लगता है, इनके खराब दिन आने वाले हैं ।
6 माह बाद पंड़ित जी का पत्र आया कि साहू जी को लकवा मार गया है, मल मूत्र विसर्जन भी बिस्तर पर ही हो रहा है । उसी हालात में उनका निधन हो गया ।

श्री लालमणी भाई

एक माँ दूसरे धर्मावलंबियों की Activities में जाने लगीं ।
उनके बेटे (मेहुल) ने दो – तीन दिन देखा फ़िर पूछा – अपना धर्म कब छोड़ रही हो ?
माँ ने जाना छोड़ दिया ।

गुरू जब शहर छोड़ कर जा रहे थे तब उस माँ ने पूछा था कि – आपकी Absence में जब कभी मैं भटक जाऊंगी तब कौन मुझे Guide करेगा ?
गुरू – तुम्हारे बच्चे तुम्हें Guide करेंगे ।माली अच्चे अच्छे बीज, भूमि को संस्कारित करके ड़ाल देता है, पेड़ बनकर वही बीज उसे जीवन पर्यंत स्वास्थवर्धक फल देते रहते हैं ।

आज वह माँ ऐसे अवसरों पर बच्चों में गुरू की आवाज मान कर उनका पालन करती है ।

उसी माँ के मुख से

छोटों को भी अपने कर्तव्यों को द्रढ़ता से निभाना चाहिये, चाहे वे बड़ों को अप्रिय क्यों ना लगें ।

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