पूजा/आहार में शुद्ध धोती-दुपट्टा पहनने से बाह्य शुद्धता के साथ साथ अंतरंग शुद्धता/शक्ति बढ़ जाती है ।
जैसे पुलिस वाला यदि सादा कपड़ों में हो और उससे झगड़ा किया तो कम सज़ा, पर वही यदि वर्दी में हो तो !

मुनि श्री सुधा सागर जी

मृत्यु से डर लगता है कि उस पार ना जाने कैसा/क्या होगा ?
तभी दरवाजा खुला और पालतु कुत्ता खुश होकर मालिक को चाटने लगा ।
कुत्ते को बस इतना मालूम था कि उस पार उसका मालिक है,
और क्या/कैसा है ! उसकी उसे कोई जिज्ञासा/डर नहीं ।

पारुल – दिल्ली

हमारी उम्र इतनी नहीं कि हम ख़ुद हर प्रकार की गलती कर सकें, इसलिये दूसरों की गलतियों से सीख लेना ही होगा ।
(यदि हम अपनी प्रगति तेज करना चाहते हों और गलतियों के जाल से बचना चाहते हों, तो)

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

दुर्योधन के पास अजेय योद्धा होते हुये भी हारने का कारण है –
उसने अच्छे समय में उनको(अजेय योध्दाओं को) याद नहीं किया, इसलिये बुरे समय में वो काम नहीं आये ।

1. गर्म तवे पर ठंडा पानी डालोगे तो उड़ जायेगा, गर्म टिकेगा ।
सो गर्म पानी पियें ।
2. भोजन ऐसा (सादा) करें जिसे पचाने के लिये ज्यादा पानी ना लगे ।
तब शरीर में पानी टिकेगा/ रहेगा ।

भगवानों तक ने सैकड़ों सालों तक कैसी-कैसी विपत्तियाँ झेलीं/ कर्मों से युद्ध करते रहे,
और उनके भक्त कुछ महीनों के कोरोना से घबराने/डरने लगे !

आचार्य श्री विद्यासागर जी

“मेरा मकान अच्छा हो” चलेगा/दोष नहीं,
पड़ौसी से अच्छा हो – अपराध;
प्रतिस्पर्धा खुद से ठीक, दूसरों से गुनाह ।
इच्छा इतनी करो कि बिस्तर पर जाते समय शेष ना रह जाय, नींद निर्विकल्प आये ।

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31